अन्य खबरेउत्तर प्रदेशफर्रुखाबादबदायूँ

फर्रुखाबाद में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस), कानपुर की ट्रैप टीम ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय की प्रधान लिपिक शाखा में तैनात उप निरीक्षक (लेखा) हरेन्द्र सिंह चौहान को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंग हाथों गिरफ्तार किया।

एंटी करप्शन ने नहीं विजिलेंश ने पकड़ा था रिश्वत खोर लिपिक को।

फर्रुखाबाद में यात्रा भत्ता पास कराने के लिए मांग रहा था 20% कमीशन।

 

फतेहगढ़, फर्रुखाबाद में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस), कानपुर की ट्रैप टीम ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय की प्रधान लिपिक शाखा में तैनात उप निरीक्षक (लेखा) हरेन्द्र सिंह चौहान को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंग हाथों गिरफ्तार किया। शुक्रवार को पकड़े गए आरोपी को टीम अपने साथ कानपुर ले गई, जहां देर रात तक मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया चलती रही।

 

विजिलेंस द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने 11 नवंबर को सतर्कता अधिष्ठान, कानपुर सेक्टर में प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि—

 

-सरकारी यात्राओं का यात्रा भत्ता (TA) 3-4 महीने पहले शाखा में जमा किया था

 

-1,45,000 रुपए का भुगतान लंबित था

 

-इसका भुगतान उप निरीक्षक (लेखा) हरेन्द्र सिंह चौहान द्वारा किया जाता है

 

-भुगतान के बदले वह 20% कमीशन, यानी 15 हजार रुपए पहले, और शेष राशि TA मिलने के बाद देने की मांग कर रहा था

 

शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था और आरोपी को रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था।

 

गोपनीय जांच के बाद बनी ट्रैप टीम, हाथों-हाथ धर लिया

 

सतर्कता अधिष्ठान ने शिकायत की गोपनीय जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद एक ट्रैप टीम गठित की गई। योजनाबद्ध तरीके से शुक्रवार को कार्रवाई की गई और हरेन्द्र सिंह चौहान को 15 हजार रुपए लेते ही मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया।

 

आरोपी के खिलाफ कानपुर सेक्टर, कानपुर में मुकदमा दर्ज किया गया। देर रात तक कार्रवाई चलती रही। गिरफ्तारी के बाद पूरे जिले में चर्चा रही कि लिपिक को एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा। विजिलेंस ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) द्वारा शिकायत के आधार पर की गई है।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!